प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के जनपद प्रयागराज में अवैध कोडीनयुक्त कफ सिरप के काले कारोबार के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बहुत बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। रविवार की रात एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक मकान में की गई इस छापेमारी के दौरान पुलिस और एसटीएफ की टीम ने भारी मात्रा में नशीली दवाओं का जखीरा बरामद किया है। मीडिया से मिली प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, जब्त की गई कोडीनयुक्त कफ सिरप की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं।
इस बड़ी सफलता के बाद पूरे प्रयागराज और आस-पास के जिलों में अवैध नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले गिरोहों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन इस नेटवर्क की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
खुफिया इनपुट के आधार पर संयुक्त टीम ने मारा छापा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम को पिछले काफी समय से प्रयागराज के विभिन्न इलाकों में अवैध रूप से कोडीनयुक्त सिरप की बड़ी खेप खपाए जाने की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। रविवार को एसटीएफ को एक पुख्ता और सटीक खुफिया इनपुट मिला कि एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के एक इलाके में स्थित मकान में भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप का अवैध भंडारण किया गया है और इसे बाजार में सप्लाई करने की तैयारी चल रही है।
सूचना मिलते ही एसटीएफ के अधिकारियों ने तुरंत स्थानीय एयरपोर्ट थाने की पुलिस से संपर्क साधा और एक संयुक्त रणनीतिक टीम का गठन किया। टीम ने बिना कोई समय गंवाए चिन्हित किए गए मकान की चारों तरफ से घेराबंदी की और अचानक छापेमारी कर दी। पुलिस और एसटीएफ की इस त्वरित कार्रवाई के कारण वहां मौजूद लोगों को भागने या साक्ष्यों को छुपाने का कोई मौका नहीं मिल सका।
80 से अधिक पेटियां बरामद, 3 आरोपी हिरासत में
मकान के अंदर गहन तलाशी अभियान चलाए जाने के दौरान सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में दवाइयों के कार्टन मिले, जिन्हें छिपाकर रखा गया था। गिनती करने पर संयुक्त टीम ने लगभग 80 पेटी कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद की, जिसे बिना किसी वैध मेडिकल लाइसेंस या कागजात के अवैध रूप से बेचने के लिए रखा गया था। इस बरामदगी की बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है।
मौके से पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो इस अवैध भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला की देखरेख कर रहे थे। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और अन्य संबंधित गंभीर कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसियां और औषधि विभाग
मामले की गंभीरता को देखते हुए औषधि विभाग की टीम को भी तुरंत मौके पर बुलाया गया। औषधि निरीक्षकों ने बरामद दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं ताकि इसकी रासायनिक संरचना और अवैधता की तकनीकी रूप से पुष्टि की जा सके।
प्रारंभिक जांच और आरोपियों से की गई शुरुआती पूछताछ में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस गिरोह के तार केवल उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक बहुत बड़ा अंतरराज्यीय रैकेट हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि नशीली दवाओं की यह बड़ी खेप दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ जैसे राज्यों से लाकर प्रयागराज में जमा की गई थी। यहाँ से इस सिरप को प्रयागराज के स्थानीय इलाकों और आस-पास के पड़ोसी जिलों में अवैध रूप से नशे के आदी लोगों को बेचा जा रहा था। पुलिस और एसटीएफ की टीमें अब इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना, वित्तीय लेन-देन और इस काले कारोबार से जुड़े अन्य छिपे हुए चेहरों की पहचान करने में जुटी हैं।

