वाराणसी में पार्किंग-ऑटो व्यवस्था पर नगर निगम का बड़ा मास्टर प्लान, शुल्क घटा; 20 चौराहों पर बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था

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By - Sanvariya Times
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वाराणसी स्मार्ट सिटी सभागार में हुई बैठक 

  • अहम बैठक: 25 सितंबर 2026 को वाराणसी स्मार्ट सिटी सभागार में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में हुई पार्किंग प्रबंधन समिति की बैठक।
  • निजी पार्किंग को बड़ी राहत: अपनी जमीन पर पार्किंग चलाने वालों का शुल्क 17% से घटकर 12% हुआ; एग्रीमेंट पार्किंग का शुल्क 12% से घटकर 8.5% किया गया।
  • जाम से मुक्ति का प्लान: शहर के 20 प्रमुख चौराहों पर थर्मोप्लास्ट पेंट से जेब्रा क्रॉसिंग और स्टॉप लाइन की नई मार्किंग होगी।
  • ऑटो-ई-रिक्शा के लिए सख्त नियम: सड़कों पर स्थायी खड़े होने पर रोक, यात्रियों के लिए बनेंगे विशेष 'पिक एंड ड्रॉप पॉइंट'।
वाराणसी (काशी)।
महादेव की नगरी और वैश्विक पर्यटन का केंद्र बन चुके वाराणसी (Varanasi) शहर में आए दिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और सड़कों के किनारे बेतरतीब ढंग से होने वाली वाहन पार्किंग की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए वाराणसी नगर निगम ने एक ऐतिहासिक मास्टर प्लान तैयार किया है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और आधुनिक बनाने के लिए नगर निगम, यातायात पुलिस और ऑटो यूनियनों को मिलाकर एक त्रिकोणीय योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
इस सिलसिले में बीते 25 सितंबर को वाराणसी स्मार्ट सिटी सभागार में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में पार्किंग प्रबंधन समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में निजी पार्किंग संचालकों को बड़ी आर्थिक राहत देने, ऑटो व ई-रिक्शा के कारण लगने वाले जाम को रोकने के लिए विशेष 'पिक एंड ड्रॉप पॉइंट' (Pick & Drop Points) विकसित करने और शहर के 20 सबसे व्यस्त चौराहों का कायाकल्प करने से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगा दी गई है।
निजी पार्किंग संचालकों का शुल्क हुआ कम: व्यापार जगत को बड़ी राहत
पार्किंग प्रबंधन समिति ने शहर में वैध पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़ाने और संचालकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से लिए जाने वाले मासिक शुल्क में भारी कटौती की है।
नए नियमों के तहत, जो लोग अपनी निजी जमीन पर पार्किंग का संचालन कर रहे हैं, उनसे अब नगर निगम उनकी मासिक आय का 17 प्रतिशत शुल्क लेने के बजाय केवल 12 प्रतिशत शुल्क ही वसूलेगा। इसके अतिरिक्त, ऐसे संचालक जो किसी दूसरे व्यक्ति की निजी जमीन पर एग्रीमेंट (Agreement) के जरिए व्यावसायिक पार्किंग चला रहे हैं, उनके लिए यह शुल्क 12 प्रतिशत से घटाकर मात्र 8.5 प्रतिशत कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से शहर में अवैध पार्किंग की प्रवृत्ति खत्म होगी और लोग अपनी जमीनों पर वैध पार्किंग खोलने के लिए आगे आएंगे, जिससे सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा।
सड़कों पर नहीं खड़े होंगे ऑटो-ई-रिक्शा, पहले चरण में 5 स्थानों पर बनेंगे पिक एंड ड्रॉप पॉइंट
वाराणसी की संकरी सड़कों पर यातायात बाधित होने का सबसे बड़ा कारण ऑटो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा बीच सड़क पर या चौराहों के ठीक ऊपर वाहन रोककर सवारियों को बैठाना और उतारना है। इस अव्यवस्था को समाप्त करने के लिए नगर निगम ने 'पिक एंड ड्रॉप' व्यवस्था विकसित करने की रूपरेखा तैयार की है।
पहले चरण के तहत शहर के पांच प्रमुख स्थानों पर इस प्रायोगिक व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जाएगा। इन चिन्हित पिक एंड ड्रॉप पॉइंट्स पर ऑटो और ई-रिक्शा केवल कुछ सेकंड के लिए रुक सकेंगे ताकि यात्री सुरक्षित रूप से उतर या चढ़ सकें। इसके तुरंत बाद चालक को अपने वाहन को आगे बढ़ाना होगा; वहां किसी भी वाहन को स्थायी या लंबे समय तक खड़ा करने (नो-पार्किंग) की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी।
प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किए गए ये प्रमुख इलाके
यातायात को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम ने प्रथम चरण में शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील रूटों को प्राथमिकता दी है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
  • इंग्लिशिया लाइन और पाण्डेयपुर-आजमगढ़ रोड
  • चौकाघाट पुल के पास और आशापुर-सारनाथ रोड
  • मैदागिन कोतवाली के सामने और पड़ाव क्षेत्र
  • लंका, बसंत कॉलेज के बगल राजघाट, कलेक्ट्री फार्म और दुर्गाकुंड ऑटो स्टैंड।
इन सभी चिन्हित स्थानों को पूरी तरह से विज़िबल (स्पष्ट) बनाने के लिए थर्मोप्लास्ट पेंट (Thermoplast Paint) से सड़क पर विशेष मार्किंग की जाएगी और बड़े-बड़े रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इस कार्य की जिम्मेदारी संबंधित ज़ोन के अधिशासी अभियंताओं को सौंपी गई है, जो यातायात पुलिस के साथ मिलकर ग्राउंड पर काम शुरू करेंगे।
20 प्रमुख चौराहों पर नई ट्रैफिक मार्किंग और पाण्डेयपुर में लगेगी सीकड़
वाहनों की गति और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को नियंत्रित करने के लिए वाराणसी के 20 प्रमुख चौराहों और तिराहों पर नए सिरे से जेब्रा क्रॉसिंग (Zebra Crossing) और स्टॉप लाइन (Stop Line) की मार्किंग कराई जाएगी। इसके साथ ही, महानगर की सीमा तक पिक एंड ड्रॉप से जुड़े संकेतक और दिशा-निर्देश बोर्ड भी लगाए जाएंगे। विशेष रूप से अत्यधिक भीड़भाड़ वाले पाण्डेयपुर चौराहे पर वाहनों की बेतरतीब आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए लोहे की सीकड़ (चैन) लगाकर बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
लहरतारा और कैंट स्टेशन क्षेत्र की सुधरेगा सूरत
वाराणसी का कैंट रेलवे स्टेशन और लहरतारा इलाका शहर का मुख्य प्रवेश द्वार है, जहाँ सबसे ज्यादा अव्यवस्था देखने को मिलती है। बैठक में लहरतारा पुल के नीचे के हिस्से के सुंदरीकरण और उसे पूरी तरह से व्यवस्थित करने पर गहन चर्चा हुई। यहाँ बस पार्किंग और पुलिस चौकी के आसपास के पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही, भेलूपुर क्षेत्र में आईपी विजया मॉल के पास एक नई पार्किंग विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। कैंट स्टेशन के सामने मुख्य मार्ग पर बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ अब ट्रैफिक पुलिस क्रेन और ऑनलाइन चालान के जरिए प्रभावी कार्रवाई करेगी।
अवैध पार्किंग पर कड़ा रुख और ऑटो यूनियनों को 15 दिनों का अल्टीमेटम
नगर निगम ने साफ चेतावनी दी है कि बिना आधिकारिक अनुमति या लाइसेंस के शहर में कहीं भी अवैध पार्किंग का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। यदि कहीं भी अवैध पार्किंग चलती पाई गई, तो संचालक को भारी जुर्माने का नोटिस जारी कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही, नगर निगम ने इस योजना में ऑटो यूनियनों को भी बराबर का भागीदार बनाया है। ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मौजूदा ऑटो स्टैंड्स के पास यात्रियों के लिए शेड और सार्वजनिक शौचालय के लिए उपयुक्त जगह की तलाश करें। साथ ही, वे अतिरिक्त ऑटो स्टैंड विकसित करने के लिए संभावित खाली स्थानों को चिन्हित कर 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रबंधन समिति के सामने प्रस्तुत करें। इस रिपोर्ट के आने के बाद अगली बैठक में अंतिम निर्णय लेकर धरातल पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

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