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भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के भीतर मचे आंतरिक घमासान और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गूंज अब देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में भी तेज़ी से फैल चुकी है। इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रयागराज जिले की हंडिया विधानसभा सीट (258) के उभरते हुए युवा नेता और जनसेवक आशीष पाण्डेय ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उनके 'जंतर-मंतर 2.0' आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का खुला ऐलान कर दिया है
लोकतंत्र की निष्पक्षता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"—आशीष पाण्डेय
आशीष पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश के युवाओं की आवाज़ बुलंद करते हुए एक बेहद तीखा बयान जारी किया है।
आशीष पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश के युवाओं की आवाज़ बुलंद करते हुए एक बेहद तीखा बयान जारी किया है।
उन्होंने कहा:
"अगर देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था के भीतर ही 10 महीने में 14 बार बड़े फैसलों पर आंतरिक आपत्तियां (Dissent) दर्ज कराई जा रही हैं, तो यह सीधे तौर पर देश के करोड़ों मतदाताओं के भरोसे के साथ धोखा है। वोटर लिस्ट में हेरफेर और पारदर्शिता की कमी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।"
UP का युवा देगा CJP के धरने को धार!
युवा नेता आशीष पाण्डेय ने हंडिया विधानसभा (258) समेत पूरे उत्तर प्रदेश के छात्र और नौजवान वर्ग से अपील की है कि वे लोकतंत्र को बचाने की इस मुहिम में आगे आएं। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम का समर्थन करते हुए आशीष पाण्डेय ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत निष्पक्ष जांच और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो उत्तर प्रदेश का युवा दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएगा।
युवा नेता आशीष पाण्डेय ने हंडिया विधानसभा (258) समेत पूरे उत्तर प्रदेश के छात्र और नौजवान वर्ग से अपील की है कि वे लोकतंत्र को बचाने की इस मुहिम में आगे आएं। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम का समर्थन करते हुए आशीष पाण्डेय ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत निष्पक्ष जांच और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो उत्तर प्रदेश का युवा दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएगा।
क्या है आपकी राय?
हंडिया के युवा नेता आशीष पाण्डेय के इस बड़े फैसले पर आपका क्या सोचना है? क्या उत्तर प्रदेश के युवाओं के इस समर्थन से चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ेगा?
हंडिया के युवा नेता आशीष पाण्डेय के इस बड़े फैसले पर आपका क्या सोचना है? क्या उत्तर प्रदेश के युवाओं के इस समर्थन से चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ेगा?
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