प्रयागराज (थरवई): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बेहद हैरान और डरा देने वाला मामला सामने आया है। थरवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इमलहिया गांव में शनिवार को उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने अपने खेतों के पास एक विशालकाय अजगर को रेंगते हुए देखा। खेत में रोज की तरह काम करने गए किसानों की नजर जब इस करीब 12 फीट लंबे भारी-भरकम अजगर पर पड़ी, तो डर के मारे उनके होश उड़ गए। यह अजगर एक नीलगाय के छोटे बच्चे को अपना शिकार बना रहा था और उसे जिंदा निगलने की पुरज़ोर कोशिश में जुटा हुआ था।
जैसे ही इस बात की भनक गांव के अन्य लोगों को लगी, देखते ही देखते मौके पर लाठी-डंडों के साथ भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। हालांकि, जब तक लोग हिम्मत जुटाकर अजगर के करीब पहुंचे, तब तक वह खूंखार अजगर नीलगाय के मासूम बच्चे को पूरी तरह अपने मुंह के अंदर निगल चुका था।
निगलने के बाद अजगर ने बाहर उगला शव, गांव में फैली सनसनी
नीलगाय के बच्चे को पूरी तरह निगलने के बाद उस भारी-भरकम अजगर का शरीर इतना ज्यादा फूल गया था कि उसके लिए वहां से एक इंच भी हिलना मुश्किल हो रहा था। वह उसी जगह बेसुध होकर पड़ा रहा। खेतों में ग्रामीणों की बढ़ती हुई भीड़ और लोगों का भारी शोर-शराबा देखकर अजगर खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा और असहज हो गया।
कुछ ही देर बाद, अजगर ने अपनी जान बचाने और वहां से भागने की कोशिश में निगले हुए नीलगाय के बच्चे को वापस अपने मुंह से बाहर उगल (vomit) दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने जब पास जाकर देखा तो तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अजगर के पेट के भीतर दम घुटने के कारण नीलगाय के बच्चे की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इस खौफनाक मंजर को देखकर गांव के बच्चों और महिलाओं में दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस और वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू
इतने बड़े और जानलेवा अजगर को आबादी और खेतों के इतने करीब देखकर ग्रामीणों ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय थरवई थाना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल फौरन मौके पर पहुंचा और उन्होंने तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की एक एक्सपर्ट रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों और बड़े बोरों के साथ इमलहिया गांव के खेतों में पहुंच गई। अजगर काफी आक्रामक मूड में था, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लेकिन वन विभाग के कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाई और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 12 फीट लंबे इस विशाल अजगर को सुरक्षित तरीके से काबू में कर लिया। इसके बाद टीम ने उसे एक बड़े बोरे में बंद किया, तब जाकर कहीं पुलिस और प्रशासन ने चैन की सांस ली।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस, वन विभाग ने जारी की जरूरी चेतावनी
अजगर के सफलतापूर्वक पकड़े जाने और वन विभाग की टीम द्वारा उसे अपने साथ ले जाकर दूर घने जंगल में सुरक्षित छोड़ने की बात सामने आने के बाद ही इमलहिया गांव के लोगों के चेहरे पर छाई दहशत दूर हुई। हालांकि, खेतों में काम करने वाले स्थानीय किसानों के मन में अभी भी एक अनजाना डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से सामूहिक रूप से यह मांग की है कि आसपास के झाड़ियों, तालाबों और जंगली इलाकों में वनकर्मियों की निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में खेतों की तरफ आने वाले ऐसे अन्य खतरनाक जीवों से इंसानों और मवेशियों की रक्षा की जा सके।
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को चेतावनी देते हुए कहा है कि मानसून और उसके बाद के मौसम में अक्सर ऐसे भारी जीव रिहायशी इलाकों की तरफ रुख करते हैं। इसलिए खेतों में जाते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी जंगली जीव को खुद पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की गलती न करें, बल्कि तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

