![]() |
| चोरी के बाद दुकान का नज़ारा |
प्रयागराज (थरवई): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में व्यापारियों की सुरक्षा और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होने वाले अपराधों को लेकर एक बार फिर चिंताजनक मामला सामने आया है। थरवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्थानीय पैगम्बरपुर बाजार में एक रेडीमेड कपड़े की दुकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों द्वारा हजारों रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ़ करने का मामला प्रकाश में आया है। सोमवार सुबह जब पीड़ित दुकानदार अपनी दुकान खोलने पहुंचा, तब इस कथित चोरी की घटना की जानकारी हुई। बाजार के बीचो-बीच हुई इस वारदात के बाद स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया है।
बाजार संघ और स्थानीय दुकानदारों ने व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में हुई इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पुलिस को इस मामले में लिखित शिकायत दे दी गई है, जिसके बाद पुलिस की एक टीम मामले की विधिक जांच में जुट गई है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी और पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, कुशुगुर जिंसी के निवासी हितेश्वर दर्शन की पैगम्बरपुर बाजार में दर्शन साड़ी सेंटर के नाम से एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। हितेश्वर दर्शन रोज की तरह रविवार शाम को अपनी दुकान को ठीक से बंद करके और ताला लगाकर अपने घर चले गए थे। रविवार साप्ताहिक अवकाश और रात का समय होने के कारण बाजार पूरी तरह से बंद था।
आरोप है कि इसी दौरान देर रात अज्ञात चोरों ने सूनी दुकान को अपना निशाना बनाया। चोरों ने दुकान के मुख्य शटर या दरवाजे पर लगे ताले को किसी भारी औजार से तोड़ दिया और अंदर दाखिल हो गए। सोमवार सुबह जब हितेश्वर दर्शन हमेशा की तरह अपनी दुकान खोलने के लिए पैगम्बरपुर बाजार पहुंचे, तो वे वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। दुकान का ताला जमीन पर टूटा हुआ पड़ा था और भीतर का शटर आधा खुला हुआ था।
साड़ी, रेडीमेड और बच्चों के कपड़े सहित ₹50 हजार से अधिक का माल साफ
दुकान के भीतर कदम रखते ही पीड़ित दुकानदार के होश उड़ गए। दुकान के अंदर रखे लोहे के रैक और अलमारियां पूरी तरह से खाली हो चुकी थीं। दुकान में रखे कीमती रेडीमेड कपड़े, साड़ियां और बच्चों के नए कपड़ों के बॉक्स बड़े पैमाने पर गायब थे। इसके अलावा दुकान का अन्य जरूरी सामान और गल्ले की स्थिति भी अस्त-व्यस्त पाई गई।
पीड़ित दुकानदार हितेश्वर दर्शन के अनुसार, चोरों ने बहुत ही शातिराना ढंग से केवल कीमती और आसानी से ले जाए जा सकने वाले कपड़ों को अपना निशाना बनाया। प्राथमिक अनुमान के आधार पर चोरी गए कपड़ों और अन्य सामानों की कुल अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। दुकान में चारों तरफ सामान और खाली डिब्बे बिखरे पड़े थे, जिससे स्पष्ट होता है कि चोरों ने काफी इत्मीनान से इस वारदात को अंजाम दिया है।
मौके पर पहुंची थरवई पुलिस, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने में जुटी
बाजार में सुबह-सुबह चोरी की भनक लगते ही आसपास के दर्जनों व्यापारी मौके पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने कानून-व्यवस्था के प्रति नाराजगी जताई। घटना की लिखित सूचना तुरंत थरवई थाना पुलिस को दी गई। मामला बाजार क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया।
पुलिस ने पीड़ित दुकानदार और पड़ोस के दुकानदारों से पूछताछ कर जरूरी इनपुट एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पैगम्बरपुर बाजार और उसके आसपास की दुकानों व रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि रात के समय बाजार में घूम रहे संदिग्ध वाहनों या व्यक्तियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
दुकानदार ने पुलिस प्रशासन से लगाई त्वरित कार्रवाई की गुहार
पीड़ित दुकानदार हितेश्वर दर्शन ने थरवई थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर देकर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और अपने नुकसान की भरपाई के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है। हितेश्वर दर्शन ने मीडिया को बताया, "रविवार को मैं दुकान सुरक्षित बंद करके घर गया था। सोमवार सुबह जब आया तो ताला टूटा था और अंदर का सारा कीमती स्टॉक गायब था। मेरी करीब 50 हजार रुपये से ज्यादा की पूंजी चली गई है। मैं पुलिस से गुहार लगाता हूँ कि चोरों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए।" स्थानीय व्यापार मंडल ने भी पुलिस से मांग की है कि पैगम्बरपुर बाजार में रात के समय पुलिस की गश्त (Patrolling) बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यापारी को ऐसा भारी वित्तीय नुकसान न उठाना पड़े।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार प्रारंभिक पुलिस शिकायत, पीड़ित दुकानदार के बयानों और बाजार से प्राप्त प्राथमिक इनपुट्स पर आधारित है। यह ब्लॉग या लेखक किसी भी व्यक्ति पर लगे आरोपों की सत्यता का दावा नहीं करता है। घटना की वास्तविक सच्चाई और अंतिम तथ्य पुलिस की आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

