प्रयागराज (हंडिया): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के हंडिया थाना क्षेत्र से एक गंभीर सामाजिक व आपराधिक विवाद का मामला सामने आया है। क्षेत्र के रमईपुर गांव में दो पक्षों के बीच कथित तौर पर मारपीट करने, जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों के बाद इलाके में तनावपूर्ण हलचल है। इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस प्रशासन को लिखित प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और प्राथमिक दर्ज करने की गुहार लगाई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह मामला उस समय और अधिक चर्चा में आ गया जब सामाजिक संगठन 'वीर अहीर सेना' की विधिक (कानूनी) टीम ने पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आकर इस मामले की आधिकारिक पैरवी शुरू की। संगठन और पीड़ित पक्ष ने मिलकर अब पुलिस के उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की मांग की है।
आटा चक्की से लौटते समय रास्ते में कथित मारपीट का आरोप
दर्ज कराई गई शिकायत और पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, यह पूरी घटना बीते 11 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 10:00 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित अजय यादव के अनुसार, उनके भाई जोखूलाल यादव अपने भतीजे के साथ गांव के पास ही स्थित एक चक्की पर आटा पिसवाने के लिए गए हुए थे।
आरोप है कि जब वे आटा पिसवाकर वापस अपने घर की ओर लौट रहे थे, तभी रास्ते में गनेशीपुर निवासी शुभम सिंह (पुत्र राम सिंह) अपने साथी पंकज सिंह और दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ वहां आ धमके। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इन सभी लोगों ने मिलकर रास्ते में जोखूलाल यादव और उनके भतीजे को रोक लिया और उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पीड़ित पक्ष के खिलाफ जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग किया और उन्हें जान से मारने की गंभीर धमकी भी दी।
सोशल मीडिया पर अभद्र वीडियो प्रसारित करने का भी गंभीर आरोप
प्रार्थना पत्र में दी गई जानकारी के मुताबिक, रास्ते में हुई इस कथित मारपीट के बाद पीड़ित जोखूलाल यादव और उनका भतीजा किसी तरह अपनी जान बचाकर वापस अपने घर पहुंचे। वे अभी अपने परिवार के सदस्यों को रास्ते में हुई इस आपबीती और घटना की जानकारी दे ही रहे थे कि आरोप के अनुसार, शुभम सिंह ने जोखूलाल यादव सहित पूरे यादव समाज की महिलाओं के प्रति अत्यंत अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया।
इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार का यह भी एक बेहद गंभीर आरोप है कि इस पूरी घटना का एक वीडियो रिकॉर्ड किया गया और उसे बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' पर सार्वजनिक रूप से प्रसारित (Upload) भी किया गया। इस वीडियो के इंटरनेट पर आने के बाद से ही पीड़ित समाज और स्थानीय युवाओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
वीर अहीर सेना की विधिक टीम ने की पैरवी, अधिकारियों से न्याय की मांग
इस संवेदनशील मामले की जानकारी मिलते ही 'वीर अहीर सेना' के पदाधिकारी और उनकी विधिक टीम सक्रिय हो गई। संगठन की कानूनी टीम ने पीड़ित अजय यादव और उनके परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव कानूनी सहायता दिलाने का भरोसा दिया। विधिक टीम की मजबूत पैरवी के कारण हंडिया थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी (मुकदम) दर्ज कर लिया है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद अब वीर अहीर सेना की टीम और पीड़ित पक्ष ने पुलिस के आला अधिकारियों से मुलाकात कर यह मांग की है कि सोशल मीडिया पर नफरत और अभद्रता फैलाने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी धाराएं लगाई जाएं और उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।
पुलिस प्रशासन का पक्ष और जांच की स्थिति
इस पूरे विवाद पर हंडिया थाना पुलिस प्रशासन का कहना है कि पीड़ित पक्ष की तहरीर और वीर अहीर सेना की पैरवी के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे कथित वीडियो की भी साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस का साफ कहना है कि कानून को हाथ में लेने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। तब तक पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून पर भरोसा रखने की अपील की है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार केवल प्रारंभिक पुलिस शिकायत, पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और मीडिया इनपुट्स पर आधारित है। यह ब्लॉग या लेखक इन आरोपों की सत्यता का दावा या पुष्टि नहीं करता है। मामले की वास्तविक सच्चाई और तथ्यों की पुष्टि माननीय न्यायालय और पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

