प्रयागराज (थरवई): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। थरवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक और सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल पांडेश्वर नाथ धाम पड़िला शिव मंदिर के महंत अखिलेश गिरी के आवास पर अज्ञात बदमाशों द्वारा कथित तौर पर फायरिंग करने की खबर सामने आई है। इस घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर परिसर, स्थानीय पुजारियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है।
चूंकि यह मामला एक बड़े और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल के मुख्य महंत से जुड़ा हुआ है, इसलिए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू कर दी है।
रविवार रात करीब 9 बजे की है कथित घटना
प्राप्त जानकारी और पीड़ित महंत अखिलेश गिरी द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, यह पूरी घटना रविवार रात करीब 9:00 बजे की बताई जा रही है। महंत अखिलेश गिरी का आरोप है कि रविवार रात को जब वे अपने आवास के पास मौजूद थे, तभी कुछ अज्ञात असामाजिक तत्व या बदमाश उनके घर के बाहर तक आ पहुंचे। बदमाशों ने वहां पहुंचते ही अचानक तमंचे (देश निर्मित कट्टा) से फायर कर दिया।
महंत का कहना है कि गोली उनके बेहद करीब से होकर गुजरी, जिसके कारण वे इस घटना में बाल-बाल बच गए। रात का समय होने और अंधेरे का फायदा उठाकर फायरिंग करने वाले अज्ञात हमलावर मौके से तुरंत भागने में सफल रहे। फायरिंग की आवाज सुनने के बाद आसपास के सेवादार और मंदिर से जुड़े लोग तुरंत इकट्ठा हो गए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची थरवई पुलिस, मिला कारतूस
घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। धार्मिक स्थल और महंत से जुड़ा मामला होने के कारण सूचना मिलते ही थरवई थाना पुलिस बिना किसी देरी के भारी बल के साथ सीधे मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर मामले की शुरुआती जानकारी जुटाई।
स्थानीय सूत्रों और पुलिस इनपुट के अनुसार, घटनास्थल की गहन छानबीन के दौरान पुलिस टीम को एक कारतूस (खोखा/जिंदा कारतूस) मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर इस कारतूस को अपने कब्जे में ले लिया है और इसकी फॉरेंसिक जांच कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फायरिंग किस हथियार से और किस दिशा से की गई थी।
पुजारियों और ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे महंत, कार्रवाई की मांग
इस कथित जानलेवा हमले की घटना के बाद पड़िला शिव मंदिर के अन्य पुजारी, मंदिर प्रबंधन से जुड़े सेवादार और भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एकजुट हो गए। सभी लोग महंत अखिलेश गिरी के साथ सीधे स्थानीय थरवई थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन के समक्ष सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।
महंत की तरफ से पुलिस को घटना की लिखित तहरीर दे दी गई है, जिसमें अज्ञात बदमाशों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई है। ग्रामीणों और मंदिर से जुड़े लोगों ने पुलिस से मांग की है कि मंदिर परिसर और महंत के आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस जांच के बाद ही साफ हो सकेगी पूरी हकीकत
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर महंत के आवास के बाहर फायरिंग करने के पीछे हमलावरों का क्या उद्देश्य था? क्या यह किसी पुरानी व्यक्तिगत रंजिश या विवाद का हिस्सा है, या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण है?
थरवई पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामला पूरी तरह से जांच के अधीन है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है और स्थानीय मुखबिरों की भी मदद ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि निष्पक्ष और गहन जांच के बाद ही इस पूरे मामले की असली हकीकत और वजह साफ हो सकेगी। तब तक अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह समाचार केवल प्रारंभिक मीडिया रिपोर्ट्स, महंत द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर आधारित है। यह ब्लॉग या लेखक इस घटना के दावों की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। पूरे मामले की वास्तविक सच्चाई पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

