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| हंडिया कस्बे के ओवरब्रिज के पास सुरक्षा व्यवस्था और जांच में जुटी पुलिस टीम। (सांकेतिक चित्र/File Photo) |
प्रयागराज / हंडिया:
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के अंतर्गत आने वाले हंडिया कस्बा स्थित ओवरब्रिज पर शनिवार की रात उस समय अचानक हड़कंप और सनसनी फैल गई, जब बीच रास्ते में एक ई-रिक्शा के भीतर उसका चालक अत्यंत गंभीर और लहूलुहान अवस्था में पाया गया। रात के सन्नाटे में वाहन के अंदर खून से लथपथ तड़प रहे युवक को देखकर वहां से गुजर रहे राहगीरों के होश उड़ गए। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थानीय नागरिकों ने बिना समय गंवाए इस अत्यंत संवेदनशील घटना की सूचना हंडिया पुलिस को दी।
सूचना प्राप्त होते ही हंडिया थाने की पुलिस टीम पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को मौके पर बुलाया और घायल चालक को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ऊपरदहां, हंडिया भिजवाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन युवक के सिर और शरीर पर गहरे घाव तथा अत्यधिक मात्रा में खून बह जाने के कारण उसकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता और चिंताजनक स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया है, जहां वर्तमान में उसका उपचार किया जा रहा है।
घायल चालक की हुई पहचान, रसार गांव का है निवासी
अस्पताल प्रशासन और पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक छानबीन में घायल ई-रिक्शा चालक की शिनाख्त हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घायल युवक का नाम पारस गौड़ है, जो हंडिया थाना क्षेत्र के ही रसार गांव का निवासी बताया जा रहा है। वह प्रतिदिन की तरह शनिवार को भी कमाऊ जरिया मानकर क्षेत्र में अपना ई-रिक्शा चला रहा था।
घटना की जानकारी जैसे ही रसार गांव में पारस गौड़ के परिजनों को मिली, परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन आनन-फानन में पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊपरदहां पहुंचे और फिर वहां से डॉक्टरों के निर्देश पर सीधे प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल के लिए रवाना हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि पारस एक सीधा-साधा युवक है जो मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करने का प्रयास करता है।
हादसा या हमला? रहस्य के घेरे में पूरी घटना
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर पारस गौड़ ओवरब्रिज पर इस तरह गंभीर रूप से घायल कैसे हुआ? घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि यह किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन द्वारा मारी गई टक्कर (Hit and Run) का परिणाम है, या फिर इसके पीछे कोई आपसी रंजिश अथवा लूटपाट के इरादे से किया गया जानलेवा हमला है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ई-रिक्शा जिस हालत में खड़ा था और पारस जिस तरह उसके अंदर ही अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था, वह कई तरह के संदेह पैदा करता है। कुछ स्थानीय लोगों का कथित तौर पर मानना है कि यदि किसी बड़े वाहन ने टक्कर मारी होती तो ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त या पलट गया होता, लेकिन वाहन की स्थिति को देखते हुए मामले के पीछे किसी अन्य बाहरी कारक या विवाद की आशंका से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे हर संभावित कोण (Angle) से मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रहे हैं।

