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| प्रयागराज के करछना में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बड़ा हादसा। (सांकेतिक चित्र/File Photo) |
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां करछना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंदौली गांव में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। गांव में खेतों और आबादी के ऊपर से गुजर रही 11000 वोल्ट की हाई वोल्टेज (हाईटेंशन) विद्युत आपूर्ति तार की चपेट में आने से एक 40 वर्षीय युवक गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन में स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिजनों के सहयोग से उसे इलाज के लिए प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान चंदौली गांव निवासी विष्णु पटेल (40 वर्ष) पुत्र सोनकरन पटेल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विष्णु ही अपने पूरे परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र जरिया थे। वह मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके किसी तरह अपने बच्चों की परवरिश कर रहे थे। मृतक विष्णु अपने पीछे पत्नी मीरा देवी, 11 वर्षीय मासूम बेटे मयंक और 8 वर्षीय छोटी बेटी प्रियांशी को छोड़ गए हैं। घर के मुखिया और एकमात्र कमाऊ सदस्य की अचानक इस तरह दर्दनाक मौत हो जाने से इस गरीब परिवार के सामने अब जीवन-यापन का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पूरे गांव के लोग इस समय पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
अंतिम संस्कार से किया इनकार, एसडीएम को बुलाने पर अड़े ग्रामीण
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों द्वारा सूचित किए जाने पर करछना थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब बुधवार, 7 अक्टूबर की सुबह मृतक का शव वापस उनके पैतृक गांव चंदौली पहुंचा, तो वहां स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई। परिजनों और भारी संख्या में एकत्र हुए ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ तौर पर इनकार कर दिया।
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में जर्जर बिजली के तारों की वजह से आए दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों की मांग है कि मौके पर तत्काल उपजिलाधिकारी (SDM) करछना खुद आएं और पीड़ित परिवार की मांगों को सुनें। परिजनों का कहना है कि जब तक प्रशासन के उच्च अधिकारी मौके पर आकर उन्हें ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक मृतक का अंतिम संस्कार बिल्कुल नहीं किया जाएगा। सुबह से ही गांव में भारी भीड़ जुटी हुई है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
उचित मुआवजे और सरकारी सहायता की उठ रही मांग
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से बेहद पुरजोर शब्दों में मांग की है कि इस अत्यंत गरीब परिवार को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही, मृतक की बेसहारा पत्नी और अनाथ हो चुके बच्चों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी फिलहाल मौके पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिशों में जुटे हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और शव का विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया जा सके।

