नाना पाटेकर के निधन के बाद वायरल हुआ उनका पुराना बयान: '12 मन सूखी लकड़ी ही मेरी अंतिम पूंजी है, उसी में जलाना'

(Sanvariya Times)
✍️ By: Suresh Chandra
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nana patekar death viral interview quotes
सांकेतिक चित्र/File Photo

भारतीय सिनेमा और रंगमंच के दिग्गज अभिनेता विश्वनाथ 'नाना' पाटेकर के आकस्मिक निधन के बाद जहां पूरा देश और फिल्म जगत गहरे शोक में डूबा हुआ है, वहीं सोशल मीडिया पर उनके पुराने इंटरव्यू और जीवन दर्शन से जुड़े बयान तेजी से वायरल हो रहे हैं। अपनी बेबाक और संजीदा शख्सियत के लिए मशहूर नाना पाटेकर ने वर्षों पहले मृत्यु और अपने अंतिम संस्कार को लेकर कुछ ऐसी बातें कही थीं, जो आज उनके जाने के बाद लोगों की आंखों में आंसू ला रही हैं। इंटरनेट पर इस समय उनके तीन प्रमुख बयान उनकी तस्वीरों के साथ खूब शेयर किए जा रहे हैं।




'हमको मालूम है जाना है, 12 मन सूखी लकड़ी ही मेरी अंतिम पूंजी है'
वायरल हो रहे पोस्ट्स में नाना पाटेकर का एक बेहद भावुक करने वाला बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने जीवन की नश्वरता पर बात की थी। नाना पाटेकर ने कहा था, "हमको मालूम है जाना है, कल हमको 12 मन लकड़ी लगेगी, सूखी लकड़ी... वही मेरी अंतिम पूंजी है... तो मैंने वह लकड़ी जमा करके रखी हुई है सूखी लकड़ी, उसी में जलाना..."
उनके करीबी दोस्तों और फिल्म जगत के जानकारों के मुताबिक, नाना पाटेकर अक्सर इस तरह के गंभीर और दार्शनिक विचारों को मजाकिया या सहज अंदाज में साझा किया करते थे। मौत को लेकर उनकी यह पारदर्शी और जमीनी सोच दर्शाती है कि वह चकाचौंध से दूर कितने सादगीपसंद इंसान थे।
गीली लकड़ी के इस्तेमाल पर दोस्तों को लेकर कही थी मजाकिया लेकिन गहरी बात
इसी सिलसिले में उनका एक और बयान वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के समय गीली लकड़ी का उपयोग न करने की हिदायत दी थी। उन्होंने कहा था, "गीली मत इस्तेमाल करना क्योंकि एक तो उसमें से धुआं आएगा और दोस्तों की आंखों में लगेगा और पानी आएगा, और मरते वक्त गलतफहमी होगी कि मेरे लिए रो रहे हैं..." [1]
यह बात उनके उसी चिर-परिचित बेबाक अंदाज को बयां करती है जिसके लिए वे सिनेमाई पर्दे पर और असल जिंदगी में जाने जाते थे। उनके इस बयान को पढ़कर प्रशंसक भावुक हो रहे हैं और उनके सेंस ऑफ ह्यूमर तथा जिंदगी को देखने के अनूठे नजरिए की तारीफ कर रहे हैं।
राजकीय सम्मान के साथ पुणे में होगा अंतिम संस्कार
75 वर्ष की आयु में गोवा में कार्डियक अरेस्ट के कारण अंतिम सांस लेने वाले नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर उनके गृह राज्य महाराष्ट्र के पुणे लाया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने सिनेमा, रंगमंच और 'नाम फाउंडेशन' के जरिए समाज सेवा में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ करने का निर्णय लिया है। उनका अंतिम संस्कार पुणे के बाहरी इलाके डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर किया जाएगा। आज उनके जाने के बाद, मौत पर दिए गए उनके ये पुराने शब्द उनके प्रशंसकों के दिलों में हमेशा के लिए अमर हो गए हैं।
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