नवसारी: 'ऑपरेशन म्यूल हंट' के तहत बैंक खाते किराए पर देकर ठगी का कमीशन लेने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
नवसारी:
गुजरात के नवसारी जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और साइबर ठगों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान 'ऑपरेशन म्यूल हंट' (Operation Mule Hunt) के अंतर्गत स्थानीय जलालपोर थाना पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपने निजी और व्यावसायिक बैंक खातों को किराए पर देकर मोटा कमीशन वसूलने वाले गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है।
गुजरात के नवसारी जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और साइबर ठगों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान 'ऑपरेशन म्यूल हंट' (Operation Mule Hunt) के अंतर्गत स्थानीय जलालपोर थाना पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपने निजी और व्यावसायिक बैंक खातों को किराए पर देकर मोटा कमीशन वसूलने वाले गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है।
वित्तीय समन्वय केंद्र (I4C) से मिले थे इनपुट
पुलिस सूत्रों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नवसारी पुलिस प्रशासन को नई दिल्ली स्थित 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) की ओर से संदिग्ध 'म्यूल बैंक अकाउंट्स' (अवैध वित्तीय लेनदेन के लिए किराए पर लिए गए खाते) के संबंध में बेहद महत्वपूर्ण और सटीक डिजिटल इनपुट प्राप्त हुए थे। इन तकनीकी इनपुट्स के आधार पर जलालपोर पुलिस की टीम ने जब गहनता से तकनीकी जांच और सर्विलांस शुरू किया, तो नवसारी स्थित केनरा बैंक (Canara Bank) की एक शाखा के खाते में संदिग्ध गतिविधियों का पता चला, जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क की कड़ियाँ खुलती चली गईं।
पुलिस की अलग-अलग टीमों ने की कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए जलालपोर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक (PI) एल.जी. राठौड़ के मार्गदर्शन में पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis), डिजिटल सर्विलांस और मुखबिरों (Human Intelligence) से मिली सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाकर तीन आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- सत्यप्रकाश कमलेशनारायण पांडे (उम्र 33 वर्ष, व्यवसाय: रिक्शा चालक, निवासी: पुणेश्वर, विरल नगर, जलालपोर)
- आरिफ बादशाह शेख (निवासी: बंदर रोड, गायत्री मंदिर के पास, हाल निवासी: ताईवाड, जलालपोर)
- संतोष शिवकुमार पटेल (निवासी: नगीन जीवन की चाल, नवसारी)
कर्नाटक समेत कई राज्यों से जुड़े हैं तार, सूरत के दो आरोपी वांछित (Wanted)
पुलिस जांच और पकड़े गए आरोपियों के बैंक खातों के विवरण (Bank Statement Analysis) खंगालने पर एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इन आरोपियों के खातों के माध्यम से कर्नाटक सहित देश के विभिन्न राज्यों से साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) के जरिए ऐंठे गए कुल 23,61,000 रुपये (तेईस लाख इकसठ हजार रुपये) के अवैध वित्तीय लेन-देन (Transactions) किए गए थे।
इस पूरे गिरोह में दो अन्य मुख्य सूत्रधार भी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस ने वांछित (Wanted) घोषित किया है। इनके नाम इस प्रकार हैं:
- नरेश काणुभाई गेडिया (निवासी: शिवान एन्टिला, महाराज फार्म के पास, मोटा वराछा, सूरत)
- भरत गोपालभाई व्होरा (हाल निवासी: सूरत)
जलालपोर पुलिस स्टेशन के पीआई एल.जी. राठौड़ ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सूरत और आसपास के क्षेत्रों में दबिश दी जा रही है। पुलिस बैंक खातों के मुख्य डेटा और अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क साधकर इस रैकेट के अंतिम छोर तक पहुँचने का प्रयास कर रही है।

