उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक आपसी और पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। यहां के उतरांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भौथर भूषण्ड गांव में दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस अलर्ट हो गई है और मामले की शांतिपूर्ण ढंग से जांच कर रही है। ग्रामीण इलाकों में इस तरह के आपसी मतभेदों को सुलझाने के लिए अब पुलिस कानूनी प्रक्रिया का सहारा ले रही है।
क्या है पूरा मामला?
भौथर भूषण्ड गांव की निवासी सवारी देवी ने अपने ही परिवार के कुछ सदस्यों पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता सवारी देवी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक पालतू बेजुबान जानवर (बकरी) से जुड़ी घटना को लेकर हुई थी। सवारी देवी का आरोप है कि जब उन्होंने इस विषय पर अपनी जेठानी से बात करने की कोशिश की, तो बात सुलझने के बजाय और अधिक बिगड़ गई।
शिकायत में कहा गया है कि जेठ, जेठानी, ननद और नंदोई समेत परिवार के अन्य लोगों ने उनके घर में प्रवेश किया और उनके साथ अभद्रता व कथित तौर पर धक्का-मुक्की की। इस घटना के बाद पीड़िता ने कानून का सहारा लेने का फैसला किया।
दोनों पक्षों की ओर से थाने में दी गई लिखित तहरीर
इस पारिवारिक विवाद के बाद दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी शिकायत लेकर स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचे। पीड़िता सवारी देवी ने उतरांव थाने में जाकर आरोपियों के खिलाफ एक लिखित शिकायत पत्र (तहरीर) सौंपा और उचित कार्रवाई की मांग की।
दूसरी तरफ, दूसरे पक्ष की ओर से भी थाने में एक क्रॉस-तहरीर दी गई है, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए अपनी बात रखी है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया है। एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच हुए इस विवाद को देखते हुए पुलिस पूरी सावधानी बरत रही है।
पुलिस प्रशासन का क्या कहना है?
उतरांव थाना पुलिस इस पूरे मामले को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण और पारिवारिक विवादों में अक्सर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे होते हैं, इसलिए बिना पूरी जांच के किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं है।
थाना प्रभारी के मुताबिक, "दोनों पक्षों की ओर से लिखित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस की एक टीम को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लेने और स्थानीय लोगों से पूछताछ करने के निर्देश दिए गए हैं। निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कानून सम्मत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

