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| प्रयागराज कोतवाली थाना पुलिस कार्रवाई पर आधारित एक एआई-जनरेटेड सांकेतिक चित्र (AI-Generated Representational Image) | कानूनन पीड़िता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी गई है। |
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र से डिजिटल सुरक्षा और नाबालिगों के संरक्षण से जुड़ा एक गंभीर कानूनी मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक पर एक नाबालिग छात्रा को कथित तौर पर अपने प्रभाव में लेने, उसके नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने और उसकी तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देने का आरोप लगा है। इस मामले में पीड़िता के अभिभावकों की लिखित शिकायत के आधार पर स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
आधिकारिक पुलिस सूत्रों और दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी व्यक्ति पिछले करीब तीन वर्षों से पीड़िता के संपर्क में था। परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने भविष्य में विवाह का झांसा देकर नाबालिग से नजदीकियां बढ़ाने का प्रयास किया। जब परिजनों को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से छात्रा को मोबाइल के उपयोग से दूर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद आरोपी अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ उनके आवास पर पहुंचा, जहां उसने विवाद उत्पन्न किया और कथित रूप से परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए तस्वीरें व वीडियो इंटरनेट पर साझा करने की धमकी दी।
पुलिस चौकी में लिखित आश्वासन के बाद भी जारी रही विधिक अवहेलना
शिकायत के मुताबिक, इस विवाद के बाद पीड़ित परिवार ने पूर्व में 18 जून को स्थानीय बहादुरगंज पुलिस चौकी में मामले की लिखित सूचना दी थी। उस समय पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आरोपी और उसके परिजनों ने भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि को न दोहराने और पीड़िता से दूरी बनाए रखने का एक लिखित आश्वासन (Undertaking) पुलिस प्रशासन के समक्ष दिया था।
हालांकि, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि लिखित आश्वासन देने के बावजूद उसी रात से आरोपी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट्स (Fake IDs) का निर्माण कर लिया। इन फर्जी खातों के माध्यम से पीड़िता और उसके परिजनों को धमकी भरे संदेश भेजे जाने लगे। साथ ही, आरोपी पर पीड़िता की अन्य सहेलियों के माध्यम से भी संपर्क साधने के लिए अनुचित दबाव बनाने का आरोप है।
पुलिस प्रशासन की विधिक कार्रवाई और साइबर सेल की जांच
नाबालिग के संरक्षण और साइबर अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले को उच्च प्राथमिकता पर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर बनाए गए फर्जी खातों की तकनीकी पुष्टि के लिए जिला साइबर सेल (Cyber Cell) की मदद ली जा रही है। आईपी एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए आरोपी की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का साफ कहना है कि मामले की विधिक जांच जारी है और आरोपी को जल्द ही हिरासत में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

