अवधी गायक संजय यदुवंशी का बयान; पुलिस कार्रवाई को लेकर सुल्तानपुर में चर्चा तेज

(Sanvariya Times)
✍️ By: Suresh Chandra
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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में प्रसिद्ध अवधी लोक गायक संजय यदुवंशी और स्थानीय पुलिस प्रशासन के बीच का एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया और स्थानीय गलियारों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में गायक संजय यदुवंशी ने एक बयान जारी कर पुलिस प्रशासन से अपने खिलाफ की जा रही कार्रवाई की आधिकारिक और कानूनी स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है। कलाकार द्वारा उठाए गए इन सवालों के बाद क्षेत्र में कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर बहस छिड़ गई है।
कलाकार का पक्ष: "कानूनी नोटिस और धाराएं स्पष्ट की जाएं"
सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सामने आए बयान के अनुसार, संजय यदुवंशी ने कहा है कि वह प्रयागराज (इलाहाबाद) से सुल्तानपुर पहुंच चुके हैं और कानून का सम्मान करते हुए पुलिस के सामने अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने पुलिस प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि उनके खिलाफ किस कानूनी प्रावधान या धारा के तहत कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।
गायक का कहना है कि यदि उनके खिलाफ कोई आधिकारिक नोटिस या वारंट जारी हुआ है, तो प्रशासन को उसे सार्वजनिक या लिखित रूप से उन्हें दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह की निष्पक्ष कानूनी जांच का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और नियमानुसार होनी चाहिए।
कार्रवाई की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
अपने बयान में संजय यदुवंशी ने कार्रवाई की एकतरफा प्रकृति पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से इतिहास और समाज के अन्य पहलुओं का उदाहरण देते हुए कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर होने चाहिए और यदि कार्रवाई होती है, तो वह बिना किसी भेदभाव के समान रूप से होनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले में कानूनी रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए वह माननीय उच्च न्यायालय (High Court) तक जाने और न्याय व्यवस्था की शरण लेने के लिए पूरी तरह मानसिक रूप से तैयार हैं।
पुलिस प्रशासन और कानूनी जानकारों का क्या है कहना?
इस पूरे घटनाक्रम पर कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नागरिक या कलाकार को यह जानने का पूरा संवैधानिक अधिकार है कि उसके खिलाफ क्या शिकायत दर्ज है या पुलिस किस मामले में उनसे पूछताछ करना चाहती है। दंड प्रक्रिया संहिता (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत पुलिस को किसी भी व्यक्ति को बुलाने से पहले आधिकारिक तौर पर नोटिस देना अनिवार्य होता है।
इस मामले में पुलिस के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी शिकायत पर नियमानुसार जांच करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुलिस प्रशासन हमेशा कानून के दायरे में रहकर ही काम करता है और इस मामले में भी तथ्यों के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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